अदालत ने याचिकाकर्ता से चटवाल के खिलाफ सबूत लाने को कहा

उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मदन बी. लोकुर और मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता एस.के.शाह से कहा कि वह अदालत में ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करें जिससे साबित हो सके कि चटवाल इस पुरस्कार को पाने की योग्यता नहीं रखते हैं।

याचिकाकर्ता शाह ने कहा कि देश का प्रतिष्ठित पुरस्कार एक ऐसे व्यक्ति को दिया गया जिसको दिवालिया घोषित किया गया था। यह देश के लिए शर्म की बात है।

शाह की दलील के बाद न्यायालय ने कहा कि वह किसी भी व्यक्ति पर इस तरह का गंभीर आरोप नहीं लगा सकते हैं और अदालत ने शाह को चटवाल के खिलाफ सबूत लाने को कहा।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पी.पी.मल्होत्रा ने सरकार की तरफ से दलील पेश करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति पुरस्कार विजेताओं के चयन के मामले में जिम्मेदार होती है। समिति के मुताबिक पद्म भूषण पुरस्कार दिए जाने में मानकों का उल्लंघन नहीं किया गया है। चटवाल मामले की भी अच्छी तरह पड़ताल की गई थी।

उल्लेखनीय है कि पेशे से स्वतंत्र पत्रकार शाह ने मंगलवार को एक याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने सरकार से मांग की थी कि देश का प्रतिष्ठित पद्म भूषण पुरस्कार एक ऐसे व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिए जिसके विरुद्ध पांच विभिन्न मामलों में जांच एजेंसिया पूछताछ कर रही हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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