चावल का उत्पादन बढ़ाने की बहुआयामी नीति तैयार
इसके तहत धान की रोपाई का क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने और हाइब्रिड किस्मों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
असम, बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में फसलों की संख्या बढ़ाकर धान की पैदावार के अधीन क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।
देश के पूर्वी क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ाए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा असम, बिहार और झारखंड की अम्लीय जमीन में चूने का प्रयोग करके और क्षारीय जमीन में जिप्सम का प्रयोग करके भूमि को उत्पादक बनाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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