तिहाड़ में अलग वार्ड में रहेगा इच्छाधारी बाबा
द्विवेदी ने अपने वकील एम.एस.खान के माध्यम से अदालत में एक याचिका दायर कर यह दावा किया था कि मंगलवार को अदालत ले जाते समय वैन में सवार अन्य विचाराधीन कैदियों ने उस पर और सहअभियुक्त प्रवीण पर हमला कर दिया था। द्विवेदी ने अदालत के सामने अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की थी।
महानगर दंडाधिकारी रविंद्र सिंह ने कहा, "उनको एक अलग वार्ड में रखा जाएगा और अदालत में सुनवाई के दौरान उन्हें एक अलग कार में लाया जाएगा।"
गौरतलब है कि अभियुक्तों को तिहाड़ जेल में रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि इच्छाधारी बाबा वर्ष 1988 में दिल्ली आया था और उसने सुरक्षागार्ड के रूप में अपना काम शुरू किया। उसे वर्ष 1997 और 1998 में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक बाद में उसने लोगों के बीच अपने आप को इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद के रूप में प्रस्तुत किया। बाबा को 26 फरवरी को गिरफ्तार कर उस पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
गौरतलब है कि मामले की अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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