कोलकाता आग में मरने वालों की संख्या 24 हुई (राउंडअप)
स्थानीय निकाय पर आरोप है कि उसने शहर के बीचोबीच स्थित इस इमारत में अवैध रूप से दो मंजिल बनाने की अनुमति दे दी।
अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के समय मौजूद 10 लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने बुधवार को इमारत के मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इसके बाद इमारत की देखरेख करने वाले तरुण बागारिया और रामशंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ इमारत में पर्याप्त सुरक्षा उपाय न रखने का मामला बनाया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात को चार लोग मृत पाए गए थे। इसके बाद 14 जले हुए शव बुधवार सुबह छठी मंजिल से बरामद किए गए। वहीं सबसे ऊपरी मंजिल से कूदने के कारण छह लोगों की मौत हो गई थी।
सभी 24 शवों की पहचान कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जावेद शमीम ने आईएएनएस को बताया, "इमारत के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद देखरेख का जिम्मा संभालने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।"
छह सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया और नमूने इकट्ठे किए।
राज्य विधानसभा में अग्निशमन सेवा मंत्री प्रतिम चटर्जी ने कहा कि स्टीफन कोर्ट में आग से सुरक्षा वाले न्यूनतम उपाय भी नहीं थे।
तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के सदस्यों ने प्रश्नकाल को स्थगित करके इस हादसे पर चर्चा कराने की मांग की जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने ठुकरा दिया। इसके विरोध में दोनों दलों के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
लगातार 24 घंटे तक आग से जूझने वाले एक अग्निशमन कर्मी ने कहा कि ऊपरी मंजिल से छलांग लगाने वालों को बचाने के लिए जाल की व्यवस्था होनी चाहिए थी।
उक्त कर्मी ने कहा कि भारत में ऐसे जाल की व्यवस्था कहीं भी नहीं है।
इस हादसे में जय और विजय खंडेलवाल नामक जुड़वा भाई मारे गए। दोनों 18 साल के थे।
उनके पिता ने कहा, "दोनों एक दिन पैदा हुए थे और साथ ही दोनों की मौत भी हुई।"
इस अग्निकांड में झुलस गए करीब 20 लोगों का इलाज चल रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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