विदेशी विश्वविद्यालय कमाया पैसा भारत में ही निवेश करेंगे : सिब्बल
भारतीय महिला प्रेस कोर के साथ एक संवाद में सिब्बल ने कहा, "कोई भी विदेशी विश्वविद्यालय धन को बाहर नहीं भेज सकता लेकिन उसे इसे भारत के शिक्षा क्षेत्र में निवेश करना होगा। हम इस मुद्दे पर पहले ही विदेशी विश्वविद्यालयों से चर्चा कर चुके हैं और वे इस पर सहमत हैं।"
भारत में निवेश से विदेशी विश्वविद्यालयों को होने वाले लाभों के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने कहा, "भारत एक बड़ा बाजार है, जो दुनिया भर में योग्य मानव संसाधन की बढ़ती मांग को पूरा कर सकता है। भारत में निवेश करने के लिए यह उनको उपलब्ध सबसे महत्वपूर्ण लाभ है।"
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विदेशी विश्वविद्यालय विधेयक को पिछले हफ्ते मंजूरी दे दी। इसमें विदेशी विश्वविद्यालयों को देश में परिसर स्थापित करने की अनुमति मिल गई।
इस व्यवस्था से केवल अमीरों को फायदा होने के आरोप को खारिज करते हुए सिब्बल ने कहा, "वर्ष 2020 तक हमें 35,000 और कॉलेजों तथा 800 नए विश्वविद्यालयों की आवश्यकता होगी। सरकार अकेले इनका निर्माण नहीं कर सकती। इसलिए हमने शिक्षा क्षेत्र को निजी और विदेशी खिलाड़ियों के लिए खोला।"
सिब्बल ने कहा कि सभी विदेशी विश्वविद्यालय देश के कानून और मान्यता प्रक्रिया से गुजरेंगे। यदि वे राज्य के विश्वविद्यालय की साझेदारी में परिसर की स्थापना करेंगे तो उन पर राज्य के शिक्षा कानून लागू होंगे और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के मामले में भी ऐसा ही होगा।
सिब्बल ने कहा कि शिक्षा संस्थान स्थापित करने की इच्छुक संस्थाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनके मंत्रालय का राष्ट्रीय शिक्षा वित्त निगम (एनईएफसी) की स्थापना का प्रस्ताव है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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