माया की माला, सीबीआई जांच नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को नोटों की माला पहनाने के मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई थी.
इस जनहित याचिका में आरोप लगाए गए थे कि मुख्यमंत्री मायावती ने बहुजन समाज पार्टी की महारैली के दौरान जो करेंसी नोटों की माला पहनी जिसमें 200 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. यह याचिका लखनऊ के तीन स्थानीय वकीलों ने 18 मार्च को दायर की थी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट में दौरान मुख्य न्यायाधीश अमिताव लाला और न्यायाधीश अनिल कुमार की खंडपीठ ने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका ख़ारिज कर दी. याचिका में कहा गया था कि बसपा की महारैली में 175 करोड़ रुपए खर्च हुए थे और मायावती को 25 करोड़ रुपए का हार पहनाया गया था. जिसकी जांच होनी चाहिए.
बसपा अध्यक्ष मायावती को रुपयों की माला पहनने के मामले में कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. 15 मार्च को लखनऊ में पार्टी की महारैली में मायावती को एक हज़ार रुपए के नोटों से बनी माला पहनाई गई थी. हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि इस माला की क़ीमत कितने रुपयों की थी. आयकर विभाग इस पैसे के स्त्रोत की जांच कर रहा है.












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