कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस के बीच समझौते के बाद पेश होगा विधेयक
कांग्रेस इस विधेयक को पेश करने से पहले उससे इस संबंध में परामर्श न लिए जाने से नाराज थी।
यह विधेयक अपने पैतृक जिले से इतर अन्य जिलों में नौकरी ढूंढ़ने वाले उम्मीदवारों पर प्रतिबंध लगाएगा।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने आईएएनएस से कहा, "कांग्रेस ने विधेयक पेश किए जाने को लेकर अपनी अप्रसन्नता से मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) को अवगत करा दिया है। हमें इस पर परामर्श करना चाहिए था। हमने मुख्यमंत्री को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है।"
उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम मंत्रिमंडल की एक बैठक बुलाई गई है जिसमें नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस पारस्परिक सहमति का रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे।
एक पार्टी अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "कांग्रेस इस विधेयक के विरोध में है क्योंकि इससे राज्य के अनुसूचित जाति समुदाय के लिए नौकरियों में आठ प्रतिशत आरक्षण छिन जाएगा। इस समुदाय ने चुनावों में कांग्रेस का साथ दिया है और मई में नगरनिगम चुनाव होना हैं। पार्टी अपने वोट नहीं खो सकती है।"
घाटी में अनुसूचित जाति नहीं हैं और विधायकों ने इस जाति के उम्मीदवारों के लिए आठ प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर नाराजगी जताई है। कश्मीर घाटी में मुसलमानों की बहुलता है जबकि यहां 2,000 से कम कश्मीरी हिंदू हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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