नकली नोटों का प्रचलन चिंताजनक : प्रणब
मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नोट प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रा (नोट) कागज उत्पादन की नई इकाई की आधार शिला रखने के बाद कहा, "सीमा पार से नकली नोटों के इस संकट को समाप्त करने के लिए ऐसे मुद्रा नोट छापने की आवश्यकता है, जिनकी नकल न की जा सके।"
इस अवसर पर आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव भी उपस्थित थे। सुब्बाराव ने कहा कि नोट प्रेस में एक अरब पॉलीमर नोट छापे जाएंगे, जिन्हें बाद में प्लास्टिक के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण लिमिटेड में स्थापित होने वाली इस नई मुद्रा इकाई पर 15 अरब रुपये की लागत आएगी। इस इकाई का उद्देश्य नकली मुद्रा नोटों की समस्या से निपटना, सुरक्षा खतरे को कम करना और मुद्रा नोट की छपाई में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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