उपेक्षित तबकों तक पहुंच बनाएं बैंक : प्रणब
मुखर्जी ने वित्तीय साक्षरता पर यहां आयोजित एक कार्यशाला में कहा, "हमें वित्तीय समावेशन के लिए नए द़ृष्टिकोणों की आवश्यकता है, जो अतीत से मिली नसीहतों पर खड़ा हो। इसके लिए नीति नियंताओं, पेशेवरों और अन्य घटकों को अब तक उपेक्षित रहे आबादी के हिस्सों तक पहुंचने की आवश्यकता है।"
मुखर्जी ने कहा कि वित्तीय साक्षरता और शिक्षा, वित्तीय समावेशन, समग्र वृद्धि और टिकाऊ समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सर्वाभौमिक समावेशन का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है, जबकि वित्तीय क्षेत्र की नीतियां वित्तीय पैठ और पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से ही निर्धारित की गई थीं।
मुखर्जी ने कहा, "वित्तीय व्यवस्था की पहुंच बढ़ाने की रणनीति, प्रारंभिक तौर पर शाखाएं बढ़ाने, आरआरबी (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) जैसे नए संस्थानों की स्थापना करने और आर्थिक रूप से वंचित विशाल तबके के लिए जमा पूंजी सुनिश्चित कराने पर निर्भर थी। यद्यपि इसका अपना प्रभाव रहा और इससे कई सारे लोगों के जीवन में बदलाव भी आया, लेकिन इन प्रयासों के परिणाम मिले-जुले रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications