88 करोड़ लोगों को नहीं मिलता शुद्ध पेय जल : रेड क्रॉस
कुआलालंपुर, 22 मार्च (आईएएनएस)। दुनिया के कुल 88 करोड़ लोगों को शुद्ध पेय जल नहीं मिल पता है जबकि 2.7 अरब लोग उचित स्वच्छता सुविधाओं की कमियों से जूझ रहे हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक 'इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसायटीज' (आईएफआरसी) ने कुआलालंपुर में कहा कि जलवायु परिवर्तन, तेजी से होते अनियोजित शहरीकरण और पलायन का दुनिया के गरीब समुदाय पर नकारात्मक प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
आईएफआरसी ने 22 मार्च को संयुक्त राष्ट्र के विश्व जल दिवस के अवसर पर पानी के इस्तेमाल, सफाई व स्वच्छता संबंधी गतिविधियां बढ़ाने का आह्वान किया।
रेड क्रॉस के दक्षिण-पूर्व एशिया में जल, सफाई व स्वच्छता को बढ़ावा देने का काम कर रही समन्वयक जेन एडगर ने कहा कि अब कुछ करने का समय है।
उन्होंने कहा कि शुद्ध पेय जल, स्वच्छता व स्वास्थ्य शिक्षा प्राप्त करना सभी का अधिकार है फिर चाहे वह अमीर हो या गरीब।
रेड क्रॉस के अनुमान के मुताबिक 98 करोड़ बच्चों सहित 2.7 अरब लोगों को शौच की उचित सुविधाएं नहीं मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशांत द्वीप समूह की आधी से ज्यादा आबादी को स्वच्छ पेय जल और शौच की उचित सुविथा नहीं मिलती है।
आईएफआरसी के मुताबिक विकासशील देशों के सभी अस्पतालों के 50 प्रतिशत बिस्तर अशुद्ध पेय जल मिलने और स्वच्छता के अभाव के चलते बीमार पड़े मरीजों से भरे रहते हैं।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा समन्वित विश्व जल दिवस इस साल जल की गुणवत्ता विषय को समर्पित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications