मायावती को उच्च न्यायालय ने दी राहत
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने सोमवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। यह जनहित याचिका तीन वकीलों- नरेश कुमार मिश्रा,बसंत लाल और पी.के.सिंह- की ओर से पिछले गुरुवार को दायर की गई थी।
जनहित याचिका में बसपा की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर 15 मार्च को लखनऊ में आयोजित रैली में मायावती को पहनाई गई माला में लगाए गए नोटों के स्त्रोत को ढूंढने के लिए सीबीआई जांच की मांग की गई थी।
उत्तर प्रदेश की स्थायी परिषद के प्रमुख (चीफ स्टैंडिंग काउंसिल) डी.के.उपाध्याय ने संवाददाताओं को बताया कि न्यायालय ने यह जनहित याचिका प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दी क्योंकि न्यायालय के समक्ष ऐसा कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे कि वह इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर सके।
उल्लेखनीय है कि मायावती को नोटों की माला पहनाने के मामले में लोकसभा और राज्यसभा में भी हंगामा हुआ था। विरोधी दलों का आरोप था कि मायावती ने जो माला पहनी उसमें करोड़ों रुपये के नोट थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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