मोदी को समन जारी करने के बारे में न्यायालय ने स्पष्टीकरण मांगा
मुख्य न्यायाधीश एस.जे.मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने जन संघर्ष मंच (जेएसएम) की याचिका की सुनवाई के बाद आयोग से जबाव मांगा है। जेएसएम दंगा पीड़ितों की नुमाइंदिगी करता है।
गत वर्ष सितम्बर में आयोग ने मोदी और अन्य लोगों को समन जारी करने से इंकार कर दिया था। आयोग के समक्ष मोदी के उपस्थित होने की बजाय उनके तीन निजी सहायकों ओम प्रकाश सिंह, संजय भवसार और तन्मय मेहता को हलफनामा दायर करने के लिए कहा गया था।
जेएसएम ने पहले आयोग के समक्ष मोदी और अन्य से पूछताछ करने संबंधी याचिका दायर की थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद जेएसएम ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि जुलाई 2004 में राज्य सरकार ने अयोग का अधिकार क्षेत्र बढ़ाकर उसमें मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्री परिषद के सदस्यों के कार्यालय, नौकरशाह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालय को शामिल किया गय था, ताकि सभी से पूछताछ की जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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