बाल विवाह उन्मूलन का संकल्प लें : व्यास
व्यास शनिवार को चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज में राष्ट्रीय महिला आयोग एवं मेवाड़ एजुकेशन सोसायटी चित्तौड़गढ़ के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रही थी।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को बाल विवाह जैसी कुरीति से बचाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक परिवार की बालिका को शिक्षा से जोड़ा जाए तथा समाज में शिक्षा का वातावरण तैयार किया जाए ताकि समाज से ऐसी कुरीति को समूल रूप से नष्ट किया जा सके।
व्यास ने नागरिकों का आह्वान किया कि वे लड़का-लड़की को समान समझें और उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाने के साथ-साथ बेहतर परवरिश करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई को भी जड़ मूल से समाप्त करने के लिए लोगों को विशेषकर महिलाओं को इस बुराई को समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने समाज में बाल विवाह जैसी बुराई के लिए समाज में अशिक्षा, गरीबी एवं सामाजिक सुरक्षा को मुख्य कारण बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने गत पांच वषरें में बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने के लिए देश में तेजी से भरसक प्रयास किये हैं तथा इस आयोग की सिफारिश पर ही लोकसभा में बाल विवाह अधिनियम को संशोधित कर अधिक सख्त बनाया गया है जिसके तहत बाल विवाह करने वाले बालक-बालिका के अभिभावकों सहित बाल विवाह कराने में सहयोग देने वाले अन्य व्यक्तियों के विरूद्घ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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