नेपाल में अब एक ही सवाल, कोइराला के बाद कौन?
नेपाल में दशकों से चले आ रहे माओवादी उग्रवाद को खत्म कराने में कोइराला की भूमिका अहम थी। ऐसे में कोइराला के निधन से नेपाली राजनीति के साथ-साथ नेपाली कांग्रेस में भी एक शून्य पैदा हो गया है।
कोइराला के उत्तराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर एनसी के प्रवक्ता अर्जुन नरसिंह केसी ने कहा, "फिलहाल बतौर कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में पार्टी का कामकाज देख रहे सुशील कोइराला ही नेतृत्व संभालेंगे।"
उन्होंने कहा, "हम एक लोकतांत्रिक पार्टी है और अध्यक्ष का चुनाव भी लोकतांत्रिक तरीके से होगा। पार्टी के अधिवेशन में कोइराला के उत्तराधिकारी की तलाश की जाएगी।" उन्होंेने उम्मीद जताई कि दो या तीन महीने के भीतर यह अधिवेशन बुला लिया जाएगा।
ज्ञात हो कि सुशील कोइराला दिवंगत कोइराला के भतीजे हैं। परिवार के नाम से इतर सुशील की एक साफ सुथरी छवि वाले नेता के रूप में भी अपनी पहचान है। वह 2008 का चुनाव हार गए थे। उन्हें पार्टी और जनता दोनों का समर्थन हासिल है।
कोइराला के उत्तराधिकारी के रूप में दो और प्रबल दावेदार हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री रामचंद्र पौडेल उनमें एक हैं। वह पार्टी संसदीय दल के मुखिया भी हैं।
दूसरे दावेदार शेर बहादुर देउबा हैं। देउबा पूर्व में कोइराला से अलग हो गए थे और उनके चलते पार्टी में विभाजन भी हुआ था। वर्ष 2008 के चुनाव से पहले वह फिर कोइराला से मिल गए थे। इसके बावजूद नेपाली कांग्रेस को चुनाव में माओवादियों के हाथों करारी श्किास्त झेलनी पड़ी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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