नेपाली राजनीति के दिग्गज कोइराला नहीं रहे (लीड-3)
कोइराला करीब एक पखवाड़े से सांस में तकलीफ से पीड़ित थे। उनके निधन की पुष्टि के बाद काठमांडू में सुरक्षा बढ़ा दी गई है साथ ही कोइराला की बेटी सुजाता कोइराला के आवास के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
कोइराला ने शनिवार दोपहर 12.10 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की घोषणा पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने की। इससे पहले नेपाली कांग्रेस के नेताओं की आपात बैठक हुई थी।
नेपाली प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने कोइराला के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने कैबिनेट की बैठक बुलाई, जिसमें उनके राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार पर चर्चा की गई।
कोइराला का पार्थिव शरीर रविवार सुबह आम लोगों के दर्शन के लिए काठमांडू स्थित दशरथ स्टेडियम में रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार अरग्यघाट पर किया जाएगा। यह स्थान प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के समीप है।
कोइराला ने सार्वजनिक जिंदगी की शुरुआत बिराटनगर स्थित एक जूट मिल के मजदूर नेता के तौर पर की थी। देश में शाही शासन के विरोध में आंदोलन शुरू करने के आरोप में उन्हें भारत निर्वासित कर दिया गया था। बाद में नेपाल के दिवंगत पूर्व नरेश महेन्द्र ने उन्हें जेल भी भेजा था। वह एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते थे, जिसके तीन सदस्य देश के प्रधानमंत्री बने।
कोइराला पांच बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। उन्हीं के नेतृत्व में नेपाल धर्मनिरपेक्ष देश बना। नेपाल सरकार ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का निर्णय लिया था। भारत के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे।
नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोइराला के निधन पर शोक जताया है। सिंह ने कोइराला को 'नेपाल के सबसे बड़े और दक्षिण एशिया के वयोवृद्ध राजनेता' के तौर पर याद किया।
सिंह ने कोइराला की बेटी सुजाता को भेजे शोक संदेश में कहा, "जी.पी.कोइराला के निधन का समाचार सुनकर मैं दुखी हूं। वह नेपाल के सबसे बड़े नेता और दक्षिण एशिया के वयोवृद्ध राजनेता थे। उन्होंने अपनी जिंदगी की शुरुआत मजदूर संघों के आंदोलन के साथ की थी और अपना पूरा राजनीतिक जीवन लोगों के कल्याण संबंधी कार्यो में बिताया।"
सिंह ने कहा, "कोइराला लोकतंत्रवादी थे। उन्होंने नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के लिए संघर्ष किया और वर्ष 1991 में लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए देश के पहले प्रधानमंत्री बने। उनके निधन से नेपाली राजनीति का एक अध्याय खत्म हो गया है।"
सिंह ने कहा कि कोइराला ने भारत-नेपाल संबंध को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय कार्य किया था। उन्होंने कहा कि निजी तौर पर कोइराला के साथ उनके अच्छे संबंध रहे।
सिंह ने कोइराला के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा, "मैं कोइराला के परिजनों, दोस्तों और उनके समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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