'झील से थोड़ा बड़ा होता होगा समुद्र'
जम्मू, 19 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के घुमंतू गुज्जर 45 वर्षीय रशीद बदाना को समुद्र अपने राज्य की झीलों से थोड़ा ही बड़ा लगता था, लेकिन भारतीय सेना ने जब उसे नई दुनिया दिखाई तो रशीद के इस बारे में विचार बदल गए।
पिछले साल सेना द्वारा दक्षिण भारत की यात्रा कराने के बाद रशीद ने कहा, "मैंने कभी यह कल्पना नहीं की थी समुद्र इतना बड़ा हो सकता है। मैं सोचता था कि समुद्र झील से थोड़ा बड़ा होता होगा।"
गौरतलब है कि आतंकवाद प्रभावित राज्यों के लोगों के लिए सेना ने इस शैक्षिक और प्रेरणात्मक यात्रा की शुरुआत वर्ष 1998 में किया था। सेना की इस 'सदभावना अभियान' यात्रा का 30,000 से अधिक छात्र और बुजुर्ग फायदा उठा चुके हैं।
सेना की उत्तरी कमान के कर्नल संजय दीक्षित ने कहा,"हमने कश्मीर में लोगों का दिल जीत लिया है।"
इसी कार्यक्रम के तहत रशीद ने सेना के साथ 17 दिन की लंबी यात्रा पर कन्याकुमारी, तिरूवनंतपुरम और चेन्नई का दौरा किया था।
पर्यटन के दौरान ठहरने के लिए मिले बेहतर सुविधाओं और लोगों के प्यार से रशीद अभिभूत है। उसने कहा, "मुझे अब महसूस हुआ है कि भारत एक महान देश है।"
रेल यात्रा का रशीद ने खूब आनंद लिया। रशीद ने कहा कि यात्रा के दौरान बहुत मजा आया, एक दूसरे से जुड़े रेलगाड़ी के डब्बे बड़ी तेजी से पटरी पर दौड़ रहे थे।
सेना मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस तरह की 81 यात्राओं का आयोजन कर चुकी है, जिसमें 3,550 लोग हिस्सा ले चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications