झारखण्ड में अपने संयंत्र की जगह बदल सकती है आर्सेलरमित्तल
नई जगह पर बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर कंपनी ने राज्य के उद्योग विभाग को पत्र लिखा है।
परियोजना के प्रभारी और महाप्रबंधक टी. एस. प्रसाद ने कहा, "यदि हमें पानी और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं की मंजूरी मिल जाती है तो हम परियोजना को खुंटी की जगह बोकारो में स्थापित कर देंगे।"
उन्होंने कहा, "इस संबंध में हमने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। परियोजना की जगह तभी बदली जाएगी जब झारखण्ड सरकार से हमें आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की मंजूरी मिल जाए।"
राज्य में 40,000 करोड़ रुपये की लागत से स्टील संयंत्र लगाने के लिए आर्सेलरमित्तल ने वर्ष 2005 में झारखण्ड सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
कंपनी इस संयंत्र को खुंटी और गुमला जिले के बीच स्थापित करना चाहती थी लेकिन यहां के ग्रामीण अपनी जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं हैं।
पिछले महीने कंपनी के अधिकारियों ने बोकारो जिले के पेतरावार प्रखंड का दौरा किया। यहां ग्रामीण अपनी जमीन बेचने के लिए तैयार हैं।
प्रसाद ने कहा, "ग्रामीणों का रुख सकारात्मक है और पानी व अन्य बुनियादी सुविधाओं की मंजूरी प्राप्त करने के बाद हम जमीन खरीदने की दिशा में काम आगे बढ़ाएंगे।"
उद्योग निदेशक आराधना पटनायक ने कहा कि कंपनी ने पानी समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की मांग के लिए पत्र लिखा है। सरकार इस पर विचार कर रही है।
आर्सेलर मित्तल ने बोकारो जिले के तेनूघाट बांध से सात करोड़ क्यूसेक पानी की मांग की है। कंपनी अधिकारियों के अनुसार यदि कम से कम 4.5 करोड़ क्यूसेक पानी मिल जाता है तो परियोजना के पहले चरण की शुरुआत हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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