संप्रग सरकार का सदन प्रबंधन ठीक नहीं: भाजपा (लीड-1)
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि वह सदन में मार्शल बुलाए जाने का विरोध करती है और बजट सत्र के पहले चरण के दौरान बुरे सदन प्रबंधन के लिए सरकार को दोषी मानती है।
महंगाई के मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को घेरने में सफल भाजपा को उम्मीद है कि अब परमाणु दायित्व विधेयक के मसले पर भी पूरा विपक्ष फिर से एकजुट होगा।
सत्र के पहले चरण में सरकार को सभी मुद्दों पर बैकफुट पर धकेलने का दावा करते हुए संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को कहा, "सदन में समन्वय विपक्ष की महत्वपूर्ण विशेषता रही तो समन्वय की पूर्ण रूप से अनुपस्थिति संप्रग के कार्यसंचालन की 'विशेषता' रही। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में भाजपा ने अपने कर्तव्यों को प्रभावी रूप में निभाकर संतोष का अनुभव किया।"
दोनों नेताओं ने कहा, "महिलाओं को लोकसभा और राज्य, विधानमंडलों में आरक्षण देने के लिए संविधान (संशोधन) विधेयक प्रस्तुत करना संप्रग सरकार का सदन प्रबंधन का विफल प्रयास था। यह विधेयक उस बजट सत्र में प्रस्तुत किया गया, जहां सरकार अल्पमत में थी और विपक्ष बहुमत में था। ज्यादातर मुख्य विपक्षी पार्टियां इस विधेयक के समर्थन में थी।"
उन्होंने कहा, "संप्रग जब विधेयक के साथ आगे आया तो बगैर सार्थक बहस के और मार्शलों की सहायता से इस विधेयक को पारित कराने पर अड़ गया। भाजपानीत विपक्ष ने चर्चा करने पर जोर दिया। भाजपा जोरदार तरीके से और स्पष्ट रूप में विधेयक से समर्थन में आई परन्तु भाजपा सदन की गरिमा को भी बनाए रखना चाहती थी। अंत में महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा के नेतृत्व में यह विधेयक राज्य सभा में कुछ कदम आगे बढ़ा और राज्यसभा में यह विधेयक विपक्ष के हावी होने और सरकार के कुप्रबंधन के बावजूद पारित हो गया।"
दोनों नेताओं ने कहा, "आणविक नुकसान के लिए परमाणु दायित्व विधेयक 2010 पर सरकार को पीछे हटने के लिए विपक्ष ने विवश किया। हमें आशा है कि इस विधेयक के प्रति एकजुट हुआ प्रतिपक्ष सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए विवश करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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