अब तो 'नोटों की माला' ही पहनेंगी 'बहनजी' (लीड-2)

लखनऊ की रैली में मायावती को पहनाई गई 'नोटों की माला' कितने की थी इस बारे में भले ही विवाद हो लेकिन बुधवार को उन्हें जो नोटों की माला पहनाई गई उसमें 18 लाख रुपये गूंथे गए थे। बसपा मुख्यालय में हुई पार्टी के सांसदों, विधायकों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों की बैठक में मायावती को नोटों की यह माला पहनाई गई। बताया जा रहा है कि पचास से लेकर एक हजार रुपये तक के नोटों से यह माला गूंथी गई थी।

बसपा महासचिव एवं राज्य के लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस मौके पर कहा कि बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तय किया है कि आगे से प्रदेश में जहां भी 'बहनजी' के कार्यक्रम होंगे, उनमें उनका स्वागत 'फूलों की माला' से नहीं बल्कि 'नोटों की माला' से किया जाएगा।

सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मंडलों से पार्टी के जिम्मेदार लोग अपने-अपने यहां से एक-एक लाख रुपये इकट्ठा करके लाए थे। उसी की माला बनाकर 'बहनजी' का स्वागत किया गया। उन्होंने साफ किया कि बसपा इसी तरीके के चंदे और आर्थिक सहयोग से आज यहां तक पहुंची है। बसपा विरोधी दलों की तरह धन्नासेठों के पैसे से नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं द्वारा सालों से दी जा रही थोड़ा-थोड़ी आर्थिक मदद से चल रही है।

बसपा महासचिव ने कहा कि विरोधी दलों ने पहले तो रैली को असफल बनाने की कोशिश की लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उन्होंने नोटों की माला को तिल का ताड़ बनाने का प्रयास किया। मीडिया में इस प्रकरण को उठाए जाने से कार्यकर्ता नाराज थे। इसका जवाब देने के लिए उन्होंने चंदा इकट्ठा करके बहनजी को फिर से माला पहनाने की इच्छा व्यक्त की।

इस दौरान सिद्दीकी ने मीडिया पर भी निशाना साधा और कहा, "मैं विरोधी दलों के साथ-साथ मीडिया कर भी बहुत आभारी हूं, जिसने पिछले 24 घंटे में इस प्रकरण को उछालकर पार्टी को 18 लाख रुपये का फायदा करवा दिया।"

उल्लेखनीय है कि गत सोमवार को लखनऊ में हुई बसपा की जनसभा में मायावती को एक माला पहनाई गई थी। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह माला हजार-हजार रुपये के नोटों से गूंथ कर तैयार की गई थी।

इसका जवाब देते हुए सिद्दीकी ने कहा कि लखनऊ इकाई के कार्यकर्ताओं ने 21 लाख रुपये इकट्ठा किए थे, जिसकी माला बनाकर सोमवार को रैली में बहन जी का स्वागत किया गया।

माना जा रहा था कि नोट प्रकरण मामले में घिरी मायावती बुधवार को सांसदों, विधायकों व अन्य नेताओं की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तैयार करेंगी लेकिन उन्होंने विरोधियों को ठेंगा दिखाते हुए फिर से नोटों की माला पहनी।

विरोधी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने इसे गुंडागर्दी करार देते हुए कहा कि जनता अगले विधानसभा चुनावों में इसका सही तरीके से जवाब देगी।

सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इसे लोकतंत्र का खुला मखौल बताते कहा कि मायावती संवैधानिक मूल्यों में विश्वास नहीं करती हैं। उन्हें इस करनी का फल जल्द ही मिलेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+