जैव प्रौद्योगिकी विधेयक संसद में पेश न करें : भाकपा
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी.राजा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर चेताया है कि उन्हें संसद में जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित 'बेरहम' विधेयक नहीं पेश करना चाहिए। राजा ने इस विधेयक को 'गलत और प्रतिगामी' करार दिया है।
राजा ने 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में विधेयक के उस मुख्य प्रस्ताव की व्यापक तौर पर निंदा की है, जिसके तहत विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन भारतीय जैव प्रौद्योगिकी नियामक प्राधिकरण (बीआरएआई) बनाने की बात कही गई है।
राजा ने पत्र में कहा है, "यह विधेयक अति नुकसानदायक है और इस तरह के विधेयक को तैयार करने के पीछे के इरादों पर सवाल खड़े करता है। प्रस्तावित विधेयक कई बुनियादी तरीकों से गलत है और इसे मंत्रालय द्वारा मंजूरी नहीं दिया जाना चाहिए तथा संसद में पेश नहीं किया जाना चाहिए।"
राजा ने विधेयक को जीन परिवर्धित खाद्य पदार्थ और कृषि बाजार के नियामक के रूप में प्रस्तुत करने की निंदा की है और कहा है कि नियामक का मुख्य उद्देश्य इस प्रौद्योगिकी के खतरों से सभी भारतीयों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की हिफाजत करना होना चाहिए।
राजा ने सवाल किया है कि नियामक को जैव प्रौद्योगिकी में सार्वजनिक व निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के रूप में क्यों देखा जा रहा है, जबकि प्रोत्साहन नियमन के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।
राजा ने कहा है कि इस तरह के किसी प्राधिकरण को विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन न होकर पर्यावरण मंत्रालय के अधीन होना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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