कोंकण कछुआ महोत्सव में समुद्र में छोड़े गए 375 ओलिव रिडले
'सहयाद्री निसर्ग मित्र' (एसएनएम) और 'केशव मित्र मंडल' (केएमएम) ने संयुक्त रूप से यह आयोजन किया है। रत्नागिरी के 'वेलास सी विलेज' में 28 मार्च तक यह महोत्सव चलेगा।
एसएनएम के सचिव भाऊ कतडारे ने आईएएनएस से कहा कि वे इस 29 दिवसीय महोत्सव के दौरान समुद्र में करीब 1,000 नवजात ओलिव रिडले छोड़ना चाहते थे लेकिन इन कछुओं के प्रजनन के पूरे मौसम के दौरान हम 2,500 नवजात ओलिव रिडले समुद्र में छोड़ेंगे।
कतडारे के मुताबिक उड़ीसा तट के बाद पश्चिम भारत का कोंकण तट ओलिव रिडले कछुओं के प्रजनन का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। गोवा और तमिलनाडु के तटों पर भी कुछ ओलिव रिडले कछुए मिलते हैं।
ओलिव रिडले के शिकार को देखते हुए एसएनएम ने 2002 में कछुआ संरक्षण परियोजना शुरू की थी। इसी परियोजना के तहत एसएनएम और केएमएम ने पिछले साल से कोंकण कछुआ महोत्सव की शुरुआत की थी।
इस साल कई विदेशियों सहित एक हजार से ज्यादा पर्यटक तटीय गांव वेलास में इकट्ठा हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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