कनिष्क विमान बम कांड के दोषी के मुकदमे की सुनवाई रुकी
एयर इंडिया के विमान में वर्ष 1985 में बम विस्फोट से 329 यात्रियों की मौत हुई थी और इस मामले में सजा पाने वाला रैयत एकमात्र व्यक्ति है। वह पिछले वर्ष ही रिहा हुआ।
स्थानीय मीडिया में जूरी को बर्खास्त करने के कारणों के प्रकाशन पर प्रतिबंध के बावजूद सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि जूरी की एक महिला सदस्य के रैयत पर 'दुराग्रहपूर्ण' टिप्पणी करने के कारण जूरी को बर्खास्त किया गया।
सूत्रों के अनुसार जूरी के अन्य 11 सदस्यों ने, जिसमें अधिकांश श्वेत थे, ने यह महसूस किया कि महिला सदस्य अपने निर्णय में निष्पक्ष नहीं रहेंगी। वे मामले को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पास ले गए, जिसने महिला सदस्य को हटाने के बजाए पूरी जूरी को ही बर्खास्त कर दिया।
रैयत के मुकदमे की सुनवाई के लिए 150 लोगों में से पिछले बुधवार को 12 सदस्यीय जूरी का चुनाव किया गया था। अब एक नई जूरी का चयन किया जाएगा और मुकदमा इस महीने के अंत में शुरू होगा।
एयर इंडिया की उड़ान संख्या 182 में 23 जून 1985 को आयरलैंड तट के समीप आकाश में विस्फोट हुआ था। इससे विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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