'पाकिस्तान में रची गई थी मुंबई हमले की साजिश'
निकम ने हमले के दौरान गिरफ्तार एकमात्र जीवित आतंकवादी अजमल आमिर कसाब से जुड़े मामले की सुनवाई के अंतिम चरण में यह बात कही। निकम के मुताबिक पाक सेना ने हमले में शामिल सभी 10 आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया था। इनमें से नौ आतंकवादी मारे गए थे।
इस बात को विस्तार देते हुए निकम ने कहा कि कसाब और उसके साथियों को पाक सेना के अलावा आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से खुफिया प्रशिक्षण मिला था। यह काम पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों की देखरेख में किया गया।
सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर. पाटिल और गृह राज्य मंत्री रमेश भागवे भी अदालत में मौजूद थे।
सुनवाई के बाद निकम ने पत्रकारों से कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि इस मामले की सुनवाई अगले डेढ़ महीनों में पूरी कर ली जाएगी।
इससे पहले, निकम ने कहा कि कसाब ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी सेना का एक मेजर जनरल हमले के दौरान उन्हें निर्देश दे रहा था लेकिन हमले से जुड़े आतंकी संगठन ने उस मेजर जनरल के नाम का खुलासा नहीं किया।
निकम ने कहा कि चूंकि पाकिस्तानी सेना और लश्कर साथ मिलकर काम कर रहे हैं, लिहाजा इस हमले में पाकिस्तान के संलिप्त होने की बात पर पर्दा डालने की पूरी-पूरी कोशिश की जा रही है।
निकम ने कहा, "कसाब ने स्वीकार किया है कि एक मेजर जनरल प्रशिक्षण के दौरान उससे और उसके साथियों से मिलने आया था। उसका नाम गुप्त रखा गया है। अब यह पता लगाना जरूरी है कि उस अधिकारी के नाम को गुप्त क्यों रखा गया। इससे साफ जाहिर है कि वह पाकिस्तानी सेना से संबंध रखता है।"
निकम ने कहा, "कसाब और उसके साथियों को जिस प्रकार की ट्रेनिंग दी गई वह सेना का ही काम हो सकता है। तमाम आतंकवादियों को अत्याधुनिक राइफलें, जीपीएस, मोबाइल, नाव और अन्य सामानों के साथ लैस किया गया था। यह पूरी तरह सुनियोजित था।"
"इससे साफ है कि इसमें पाकिस्तानी सेना का हाथ है और यही कारण है कि पाकिस्तान हमले में अपनी संलिप्तता से लगातार इंकार कर रहा है। तमाम आरोपों से बचने के लिए पाकिस्तान ने हमले में मारे गए आंतकवादियों के शवों पर दावा भी नहीं किया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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