अफगानिस्तान में जारी रहेगा स्वास्थ्य अभियान : भारत (लीड-1)
काबुल में राष्ट्रपति हामिद करजई समेत अन्य अफगान नेताओं के साथ बैठक के बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने संवाददाताओं से कहा, "अफगानिस्तान में भारत अपने पुनर्निर्माण कार्यक्रम बंद नहीं करेगा।"
इधर, नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने स्पष्ट किया कि केवल काबुल के आईएमएम को निलंबित किया गया है जबकि हेरात, कंधार, जलालाबाद और मजार-ए-शरीफ के आईएमएम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं।
प्रकाश ने कहा कि आईएमएम को निशाना बनाकर काबुल में आतंकवादी हमला किया गया था जिसमें एक चिकित्सक की मौत हो गई थी इसी कारण वहां अभियान को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि तमाम मुश्किल हालातों और चुनौतियों के बावजूद भारतीय दूतावास और वहां के अधिकारी सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं।
काबुल में चिकित्सा अभियान के तहत भारत की सहायता से इंदिरा गांधी बाल चिकित्सालय में छह चिकित्सक और पांच सहयोगी स्टाफ काम कर रहे थे।
काबुल हमले के बाद अफगानिस्तान में भारतीयों की सुरक्षा के बढ़े खतरे के बारे में बेंगलुरू में विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने शनिवार को कहा कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास में कार्यरत किसी कर्मचारी ने वापसी की इच्छा नहीं जाहिर की है लेकिन सरकार उनके किसी स्थानांतरण अनुरोध पर विचार करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि हमले के बाद काबुल में भारतीय दूतावास के कर्मियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी शुक्रवार को संसद में कहा था कि काबुल में हुआ हमला अफगानिस्तान की मदद में लगे भारतीयों की इच्छाशक्ति को नहीं तोड़ पाई है।
उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी को काबुल में हुए आतंकवादी हमले में सात भारतीयों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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