भारत-सऊदी अरब में व्यापार पर ज़ोर

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सऊदी अरब की तीन दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन आर्थिक मुद्दे छाए रहे.
रियाद में सऊदी कारोबारियों के संबोधित करते हुए द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने की बात कही.
भारत सरकार भी सऊदी अरब के साथ ऊर्जा संबंधों को और मजबूत करना चाहती है
ऐसी ख़बरें हैं कि सऊदी अरब भारत की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ कारोबार जगत के लोगों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी गया है.
ग़ौरतलब है कि 28 वर्ष बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का सऊदी अरब का दौरा हो रहा है.
इससे पहले 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सऊदी अरब की यात्रा पर गई थीं.
अब से चार साल पहले सऊदी अरब के शासक शाह अब्दुल्लाह भारत आए थे और गणतंत्र दिवस पर प्रमुख अतिथि थे.
समझा जा रहा है इस यात्रा के दौरान जिन बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे उनमें प्रत्यर्पण संधि भी शामिल है.
विदेश रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, "मेरी यह यात्रा इस मायने में महत्वपूर्ण है कि मैं सऊदी अरब जाने वाला केवल तीसरा भारतीय प्रधानमंत्री हूँ".
उन्होंने कहा, "सुरक्षा, विज्ञान और तकनालॉजी, अंतरिक्ष, मानव संसाधन और विकास के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं. भारत और सऊदी अरब परस्पर सहयोग के ज़रिए बहुत कुछ कर सकते हैं".
व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और सऊदी अरब के पुराने संबंध रहे हैं और वर्ष 2008-09 में दोनों देशों के बीच 25 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार हुआ.
डॉक्टर मनमोहन सिंह सऊदी अरब में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मिलेंगे. माना जा रहा है इस समय सऊदी अरब में 18 लाख भारतीय मौजूद हैं जो वहाँ की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं.












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