भारत-पाक संबंधों में तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं : कांग्रेस, भाजपा
पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों के बीच सऊदी अरब की वार्ताकार के रूप में भूमिका को लेकर विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक करीबी ने कहा, "भारत-पाकिस्तान के मामलों में तीसरे पक्ष के लिए कोई जगह नहीं है, भारत के इस रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। कांग्रेस के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।"
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने थरूर की टिप्पणी को असामान्य बताया और कहा है कि भारत का रुख सर्वविदित है कि पाकिस्तान के साथ उसके मामले में कोई तीसरा पक्ष हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ तीन दिवसीय दौरे पर गए थरूर ने रियाद में कहा, "हम महसूस करते हैं कि सऊदी अरब का पाकिस्तान के साथ लंबा और करीबी रिश्ता है। इस कारण वह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण वार्ताकार हो सकता है।"
थरूर ने हालांकि स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ आतंक संबंधी मुद्दों पर रियाद से सहयोग लेने की नई दिल्ली की इच्छा का अर्थ उसे दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय विवाद में मध्यस्थ की भूमिका देना नहीं है।
थरूर उस प्रश्न का जवाब दे रहे थे, जिसमें उनसे पूछा गया था कि पाकिस्तानी क्षेत्र से जारी आतंकवाद पर भारत की चिंताओं को दूर करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाने में क्या भारत, सऊदी अरब से मदद लेना चाहेगा।
थरूर के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। उसके बाद थरूर को स्पष्टीकरण देना पड़ा है।
मीडिया में उनके पूर्व के बयान के प्रकाशित होने के चंद घंटों बाद थरूर ने कहा, "सऊदी अरब मध्यस्थ होगा मेरे द्वारा ऐसा कहे जाने का सवाल ही नहीं उठता। मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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