भारत-पाक के बीच मध्यस्थ हो सकता है सऊदी अरब : थरूर
उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी भारत में हिंसा फैलाते हैं, क्या इस संबंध में पाकिस्तान से बातचीत के लिए सऊदी अरब से मदद ली जानी चाहिए।
थरूर ने यह भी कहा कि अलकायदा के साथ सऊदी अरब के अपने खुद के मुद्दे हैं।
भारतीय पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि आतंकवाद के मुद्दे पर रचनात्मक बातचीत होगी क्योंकि यह अफगानिस्तान से इराक, लेबनान से फिलिस्तीन और अब यमन में फैल चुका है।"
खाड़ी के सबसे प्रभावशाली देश सऊदी अरब ने नब्बे के दशक के मध्य में काबुल में तालिबानी शासन की पहचान की थी। साथ ही सऊदी अरब के पाकिस्तान के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस समय अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रियाद में हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच एक प्रत्यर्पण संधि समेत कई अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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