अशरफ को आचरण के कारण मंत्रिमंडल से निकाला गया : नीतीश (लीड-1)
विधानसभा में कथित शराब घोटाले पर चल रही बहस में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री द्वारा लगाए गए इस घोटाले के आरोपों की जांच उन्होंने राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी से कराई थी परंतु उनका आरोप निराधार रहा। जांच के दौरान कहीं से भी घोटाले की बात सामने नहीं आई। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के इशारे पर अशरफ ऐसा कर रहे हैं।
इसके पूर्व विधानसभा में विपक्षी दल के नेताओं ने कथित शराब घोटाले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। सदन में जाने के पूर्व भी विपक्षी दल के नेताओं ने गेट पर तख्ती लेकर हंगामा किया।
बजट सत्र के दूसरे दिन जैसे ही सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई वैसे ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद), लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने कथित शराब घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग को लेकर हंगामा प्रारंभ कर दिया। विपक्षी दल की मांग इस कथित घोटाले पर सदन में बहस कराने की भी थी।
इधर, विपक्ष के हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी। बाद में सत्ता पक्ष कथित शराब घोटाले पर बहस को तैयार हो गया।
उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री जमशेद अशरफ ने विभाग में 500 करोड़ रुपये के घाटाले का आरोप लगाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अशरफ को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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