विकास दर 7.5 प्रतिशत रहेगी : राष्ट्रपति

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट पेश करने से पांच दिन पहले उन्होंने कहा, "वर्ष 2008-09 के दौरान 6.7 प्रतिशत रही आर्थिक वृद्धि के बढ़कर वर्ष 2010 में 7.5 प्रतिशत होने की संभावना है।" पाटील ने कहा, "अब हम विश्वास से वर्ष 2010-11 में विकास प्रदर्शन में सुधार की ओर देखते हैं। मेरी सरकार का उद्देश्य वर्ष 2010-11 में विकास दर आठ प्रतिशत और 2011-12 में नौ प्रतिशत करना है।"
समग्र विकास बनेगा मुख्य केंद्र बिंदु
अपने 50 मिनट के संबोधन में राष्ट्रपति ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान शुरू हुए कई कार्यक्रमों, योजनाओं और नीतियों का उल्लेख किया और कहा कि समग्र विकास मुख्य क्रेंद्र बिंदु बना रहेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में आई कुछ चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यद्यपि महंगाई चिंता का एक विषय बनी हुई है, खाद्यान्न उत्पादन में गिरावट और चावल, दाल तथा अनाजों की कीमतों में मजबूती से कीमतों का बढ़ना अपरिहार्य है।
उन्होंने कहा, "जहां हम खाद्य सुरक्षा पर किसी भी खतरे को टालने में सक्षम हुए हैं, वहीं अनाजों और खाद्य पदार्थो की कीमतों पर असुविधाजनक दबाव बढ़ा है।" उन्होंने कहा कि मई 2009 में दोबारा सत्ता में आने के बाद से सरकार समग्र और तेज विकास के वादे को पूरा करने के लिए कार्य कर रही है।
सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आधारभूत ढांचे,कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विकास प्रक्रिया कमजोर वर्गो के लिए पर्याप्त संवेदनशील बन सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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