पाकिस्तान में सिख युवक की हत्या की भारत में निंदा (लीड-1)
नई दिल्ली/चण्डीगढ़, 22 फरवरी (आईएएनएस)। तालिबानी आतंकवादियों द्वारा पेशावर के समीप एक सिख युवक का सिर कलम किए जाने की घटना की भारत में चौतरफा भर्त्सना हुई है। विभिन्न दलों ने इस मसले को लेकर पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की है।
शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) और पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान के कबायली इलाके में सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी मामले में दखल देने की मांग की।
तालिबानी आतंकवादियों ने पेशावर के निकट खबर एजेंसी की तिराह घाटी से जसपाल सिंह नाम के एक सिख युवक का अपहरण कर उसका सिर कलम कर दिया था। इस दौरान दो अन्य सिखों को भी अगवा किया गया था।
एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा, "यह एक निंदनीय कृत्य है। सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को इस मामले को पाकिस्तानी सरकार के समक्ष उठाना चाहिए।"
पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "इस मामले में केंद्र सरकार को निष्क्रिय नहीं रहना चाहिए। सिखों की जान की सुरक्षा की जानी चाहिए।"
कांग्रेस ने कहा कि इस घटना के बारे में भारत सरकार को पाकिस्तान के साथ बात करनी चाहिए।
कांग्रेस से प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार को संवादाताओं से कहा, "यह गंभीर मुद्दा है और इस पर पाकिस्तान के साथ बात करने की जरूरत है। यह घटना उन वैश्विक ताकतों के लिए भी एक संदेश है जो अच्छे और बुरे तालिबान में फर्क करने की कोशिश कर रही हैं।"
इस मसले पर भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार से कहा है कि वह अपहृत सिख युवकों की मुक्ति सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाए।
अभी तक इस घटना की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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