खौफ से इस्तीफा देने वाले इंजीनियर मामले की जांच के आदेश
सरकारी प्रवक्ता ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर पूरे मामले की जांच प्रमुख सचिव सिंचाई किशन सिंह अटोरिया को सौंपी गई हैं।
इससे पहले शनिवार रात को इटावा में तैनात नलकूप खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शिवदास दोहरे ने इस्तीफा दे दिया था।
मुख्यमंत्री मायावती को भेजे अपने इस्तीफे में अधिशासी अभियंता दोहरे ने आरोप लगाया था स्थानीय लखना सीट से सत्तारूढ़ बसपा विधायक भीमराव अंबेडकर ने गत 19 फरवरी को उन्हें सरकारी फोन पर धमकी दी थी कि अगर वह उनके मुताबिक काम नहीं करेंगे तो उन्हें नौकरी से निकलवा देंगे। साथ ही साथ उनका हश्र इंजीनियर मनोज गुप्ता से भी बुरा कर दिया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियर मनोज गुप्ता को साल 2007 में औरैया के बसपा विधायक शेखर तिवारी ने कथित तौर पर पीट-पीट कर मार डाला था।
पूरा मामला इलाके में नलकूप लगाने का है। राज्य सरकार की योजना के तहत पूरे राज्य में 30 हजार नलकूप लगाया जाना है इसमें इटावा के लखना इलाके में भी 24 नलकूप लगाना है। नलकूप कहां लगाया जाएगा इसका फैसला जिलाधिकारी की बनाई गई एक कमेटी तय करती है लेकिन आरोप है कि विधायक भीमराव अंबेडकर जबरन नलकूपों को अपनी मर्जी के इलाकों में लगवाना चाहते हैं।
विधायक की जोर जबर्दस्ती का जब अभियंता शिवदास दोहरे ने विरोध किया, तो न सिर्फ उन्हें जलील किया गया बल्कि मनोज गुप्ता हत्याकांड से भी ज्यादा भयंकर कांड दोहराने की धमकी दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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