भारत के साथ प्र्त्यपण संधि करेगा सऊदी अरब : राजदूत
अरुणिम भुइयां
नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में सऊदी अरब के राजदूत फैजल हसन त्राद ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगले महीने की सऊदी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच प्र्त्यपण संधि हो सकती है।
इंदिरा गांधी की सऊदी अरब की यात्रा के 28 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी।
त्राद ने आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में कहा, " भारत उन प्रमुख देशों में है, जिनके साथ हम प्रत्यर्पण संधि कर रहे हैं। हम सभी देशों से यह संधि नहीं करते।"
उन्होंने कहा कि 27 फरवरी से एक मार्च तक होने वाली इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के उपायों पर भी चर्चा होगी।
त्राद ने कहा कि ऐसा समझौता हालांकि पड़ोसी अरब खाड़ी के देशों से है लेकिन इस क्षेत्र के बाहर किसी देश के साथ यह पहला समझौता होगा।
उन्होंने कहा, "दोनों देश शांति के समर्थक हैं, सुरक्षा के समर्थक है और एक-दूसरे के समर्थक हैं। साथ ही आतंकवाद के खात्मे के लिए कड़े प्रयास कर रहे हैं। इस समझौते से आतंकवाद विरोधी अभियान में काफी सहयोग मिलेगा।"
सऊदी अरब छह खाड़ी देशों में काफी प्रभावशाली है। साथ ही पाकिस्तान के साथ भी उसके अच्छे संबंध हैं।
त्राद ने कहा, "भारत और सऊदी अरब दोनों आतंकवाद के भुक्तभोगी हैं। पुणे बम विस्फोट समेत हम किसी भी आतंकवादी गतिविधि की निंदा करते हैं।"
उन्होंने कहा, "सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज ने वर्ष 2006 में भारत यात्रा करके दोनों देशों के बीच रिश्तों का नया अध्याय शुरू किया था। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी सऊदी यात्रा के दौरान उसे आगे बढ़ाएंगे।"
वर्ष 2006 की यात्रा के दौरान अब्दुल्ला को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य अतिथि बनाकर सम्मानित किया गया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों का नया अध्याय शुरू करने का संकल्प जताया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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