अमरीका का क़दम अंदरूनी राजनीति में दख़ल: चीन
चीन ने कहा है कि तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा की अमरीका यात्रा और राष्ट्रपति बराक ओबामा से गुरुवार को हुई मुलाकात केै कारण दोनों देशों के बीच रिश्तों को गंभीर आघात पहुँचा है.
चीन ने कहा है कि ये बैठक चीन के अंदरूनी मामलों में दख़ल के बराबर है. चीन ने माँग की है कि अमरीका चीन विरोधी अलगाववादी ताकतों को समर्थन देना बंद करे.
चीन ने बीजिंग में अमरीकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया है और वहाँ उनसे औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज की है.
उधर वॉशिंगटन में राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने दलाई लामा की अहिंसा और चीन के साथ वार्ता के बारे में प्रतिबद्धता को सराहा है.
राजदूत को तलब किया
अमरीका की कड़ी आलोचना करते हुए, चीन के आधिकारिक बयान में कहा, "अमरीका का बर्ताव चीन की अंदरूनी राजनीति में गंभीर दख़ल है. इससे चीनी लोगों की भावनाओं को गंभीर ठेस पहुँची है.....इससे दोनों देशों के रिश्तों को गंभीर आघात पहुँचा है....इस स्थिति के नकारात्मक प्रभावों से निपटने के लिए अमरीका को कारगर क़दम उठाने चाहिए."
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मा झाओक्शू की ओर से जारी बयान में कहा गया - "ये बैठक अमरीका की ओर से बार-बार जताए गए उस रुख़ का उल्लंघन है कि तिब्बत चीन का हिस्सा है और अमरीका तिब्बत की स्वतंत्रता का समर्थक नहीं है."
बयान जारी करने के साथ-साथ चीन के उप विदेशमंत्री सुइ तिआंकई ने अमरीकी राजदूत जोन हंट्समैन को तलब किया और चीन की आपत्तियों से अवगत कराया.
बीजिंग में बीबीसी के क्विंटिन सोमरविल ने कहा है कि पिछले बीस साल से चीन को ऐसी बैठकों पर आपत्ति होती रही है लेकिन इस बार चीन ने अपनी नाराज़गी बहुत कड़े शब्दों में जताई है.












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