'प्रोत्साहन पैकेजों की वापसी में सावधानी बरती जाए'
परिषद ने कहा, "पिछले दो सालों में दर्ज किए गए राजकोषीय घाटे और राजस्व संग्रह में कमी को सरकार जारी नहीं रख सकती और आने वाले वित्त वर्ष में उसे स्वयं वित्तीय समेकन की शुरुआत करनी होगी।"
परिषद ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपी अपनी समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि राजकोषीय घाटा कम करना जरूरी है लेकिन दूसरी तरफ सरकार को पूंजीगत खर्च विशेषकर आधारभूत सेक्टर में खर्च सुनिश्चित किए जाने की जरूर है।
परिषद ने कहा, "आधारभूत संरचाना क्षेत्र में खर्च जरूरी है और यदि निजी क्षेत्र इस सेक्टर में निवेश करता है तब भी सरकार को कोष उपलब्ध कराने पड़ेंगे।"
परिषद के मुताबिक वित्तीय सुधार को ध्यान में रखते हुए वित्तीय खर्च में कटौती की संभावना नहीं दिख रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications