विकास, स्थिरता के लिए भारत, पाकिस्तान में शांति आवश्यक : विश्व बैंक
वाशिंगटन, 18 फरवरी (आईएएनएस)। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि न केवल टिकाऊ आर्थिक विकास, वरन भारत और पाकिस्तान में बहुलवादी लोकतंत्र और अखंडता बरकरार रखने के लिए भी उनके बीच शांति आवश्यक है।
रिपोर्ट में कहा गया कि दक्षिण एशिया क्षेत्र बेहतर जीवन की आशा तथा विनाश की आशंका के बीच झूल रहा है। यह न केवल दुनिया का सबसे गरीब क्षेत्र है वरन इसके निवासी निरंतर परमाणु तबाही के खतरे के बीच रह रहे हैं।
'दक्षिण एशिया में आर्थिक सहयोग को बढ़ावा' नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हथियारों की होड़ (दोनों देशों का सैन्य बजट दक्षिण एशिया क्षेत्र के रक्षा बजट का 93 प्रतिशत है।) इस क्रूर विडंबना के लिए जिम्मेदार है।
भारत का स्थान प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से दुनिया में 142वां है लेकिन हथियार आयातकों में इसका स्थान पहला है। पाकिस्तान भी इस दिशा में बहुत पीछे नहीं है और प्रति व्यक्ति आय की स्थिति से उसका स्थान दुनिया में 119वां तथा हथियार आयातकों की सूची में 10 वां स्थान है।
दोनों देशों के बीच वर्ष 1998 के बाद से परमाणु हथियारों की होड़ के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और प्रतिरोध क्षमता तैयार करने के प्रयासों से हथियारों की होड़ और बढ़ी है।
रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के साथ शांति और आर्थिक सहयोग न केवल भारत के रणनीतिक आर्थिक हितों को सुरक्षित करने के लिए वरन धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक राजनीति को कायम रखने के लिए भी आवश्यक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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