ईरान की परमाणु क्षमता के बारे में चीन को संदेह
न्यूयॉर्क, 18 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान के पास अल्प अवधि में परमाणु हथियार बनाने की क्षमता होने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन को संदेह है।
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय संकट समूह द्वारा बुधवार को जारी अध्ययन में कहा गया कि चीन, ईरान के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने के भी खिलाफ है, जबकि पश्चिमी देश ईरान के परमाणु हथियार बनाने के कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए इन्हें जरूरी मान रहे हैं।
ईरान ने पिछले साल खुलासा किया था कि उसने क्वाम शहर के पास नई परमाणु सुविधा विकसित कर ली है और पिछले सप्ताह उसके राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद कहा था उनका देश उन्नत यूरोनियम संवर्धन योजना पर काम करेगा।
नए घटनाक्रम से ईरान के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर परिषद के पांच स्थाई सदस्यों और जर्मनी के बीच बातचीत में तेजी आएगी।
परिषद के 15 राष्ट्रों में वीटो का अधिकार रखने वाले अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस ने तीन साल पहले ईरान पर प्रतिबंध लगाया था।
चीन ने ईरान से परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का पालन करते हुए परमाणु तकनीक का उपयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए करने को कहा है।
समूह के अध्ययन में कहा गया है कि ईरान के साथ अच्छे संबंध के पीछे चीन का निहित स्वार्थ है, क्योंकि ईरान के ऊर्जा संसाधनों में उसका भारी निवेश है।
अध्ययन के मुताबिक, मध्य पूर्व और मध्य एशिया में ईरान के प्रभाव को देखते हुए चीन को लग रहा है कि ईरान के साथ दोस्ती से उसे इस क्षेत्र में अपने राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक एजेंडों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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