विचारधारा बदली, तो खत्म हो जाएगी भाजपा : राजनाथ (लीड-1)
इंदौर मे चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय परिषद के उद्घाटन मौके पर कोका कोला और पेप्सी वार का उदाहरण देते हुए गुरुवार को सिंह ने कहा कि कोका कोला की एक समय देश में मांग थी, तभी पेप्सी ने आकर उसे पीछे छोड़ दिया, इस स्थिति से निपटने के लिए कोकाकोला ने अपने मूल चरित्र (सामग्री मिश्रण)में कुछ बदलाव किया, इस बदलाव के चलते उसका बाजार और घट गया, आखिर में उसे अपने मूलचरित्र पर लौटना पड़ा।
उन्होंने चेताया कि जो भी दल विचारधारा और चरित्र बदलेगा, वह समाप्त हो जाएगा, अगर भाजपा भी ऐसा करती है, तो वह भी खत्म हो जाएगी, क्योंकि पार्टी की असली पहचान विचारधारा है । वर्तमान परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण भले ही हों, मगर अनुकूल है।
राजनाथ ने पार्टी के अध्यक्ष पद को विक्रमादित्य के सिंहासन की संज्ञा देते हुए कहा कि वे भी इस पद पर चार साल रहे हैं, इस अवधि में उनसे कुछ गलतियां हुई होंगी, अनुपयुक्त और अनुचित निर्णय लिए गए होंगे जिसके लिए कार्यकर्ता उन्हें माफ कर देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि वे किसी भी कीमत पर अध्यक्ष पद के प्रति अपनी आस्था और विश्वास को कम नहीं होने देंगे, अगर ऐसा होता है तो दल और दिल टूट जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने उनके चार वर्षीय कार्यकाल में कई मिथकों को तोड़ा है । मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में पार्टी दोबारा सत्ता मे आई है और सिर्फ हिंदी भाषी क्षेत्र की पार्टी का मिथक तोड़कर कर्नाटक मे सत्ता हासिल की हैं। उन्होने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि वे इसतरह काम करें ताकि 2014 चुनाव में जीत हासिल कर पार्टी सत्ता में आए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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