'मांग में बढ़ोतरी के कारण होगी देश में दूध की कमी'
राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की अध्यक्ष अमृता पटेल ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हमें निस्संदेह दूध की कमी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि शहरी और ग्रामीण, दोनों इलाकों में दूध की खपत में उत्पादन की बनिस्बत तेजी के साथ वृद्धि हो रही है।"
पटेल ने डेयरी पर आयोजित एक सम्मेलन के अवसर पर कहा, "संभावित कमी से निपटने के लिए दूध का आयात करना समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि इस कदम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर कीमतों में बढ़ोतरी होगी। परिणामस्वरूप आयात और फिर उपभोक्ता कीमतें ऊंची होंगी।"
पटेल ने कहा, "दूध की बढ़ी मांगों को पूरा करने के लिए एक दूसरी श्वेत क्रांति की आवश्यकता होगी, जिसका राष्ट्रीय डेयरी योजना में उल्लेख किया गया है। वर्ष 2021-20 तक देश में प्रति वर्ष 18 करोड़ टन दूध की खपत का अनुमान लगाया गया है। देश में दूध की वर्तमान खपत 10.50 करोड़ टन प्रति वर्ष है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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