मंदी से गरीबी की गर्त में जा सकते हैं 2 करोड़ एशियाई
'एचीविंग द मिलेनियम डेवेलपमेंट गोल्स इन ऐन एरा ऑफ ग्लोबल अनसर्टेंनीटि' नाम से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक मंदी ने इस क्षेत्र में गरीबी को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों में बाधा पहुंचाई है।
रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक विकास के हाल के अनुमानों के आधार पर 1.25 डॉलर प्रतिदिन कमाने वाले मंदी की चपेट में वर्ष 2009 में 1.7 करोड़ और 2010 में 40 लाख लोग आ सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक मंदी ने महिलाओं, कम कुशल कामगारों, कम तनख्वाह पाने वाले और अस्थाई तौर पर काम करने वाले आसानी से प्रभावित हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications