मंदी से सबसे पहले बाहर निकला कपड़ा उद्योग : मारन
भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित कपड़ा उद्योग गोलमेज सम्मेलन के दौरान मारन ने कहा कि इस उद्योग के लिए भारत में मंदी का असर केवल नौ महीने तक रहा। अब अधिकतर कंपनियां लाभ दर्ज कर रही हैं, लेकिन अब भी निवेश की ढेरों संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि इस उद्योग के कुल उत्पादन का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा निर्यात होता है लेकिन हमें अपने घरेलू बाजार पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
मारन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार ने उद्योग को राहत पैकेज उपलब्ध कराया है। मंदी के दौरान 72 घंटों के भीतर उद्योग को राहत पैकेज उपलब्ध करा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में चीन से प्रतिस्पर्धा के लिए भारतीय कपड़ा उद्योग में भारी निवेश की जरूरत है।
मारन ने कहा, "मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए अगले पांच सालों के लिए हमने 12 फीसदी विकास दर और वैश्विक कारोबार में सात फीसदी हिस्सेदारी का लक्ष्य निर्धारत किया है।"
उन्होंने कहा कि अमेरिका के आयात बाजार में भले ही 12.04 फीसदी की गिरावट आई हो लेकिन भारत की निर्यात हिस्सेदारी में ज्यादा गिरावट नहीं आई है, यह महज 7.56 फीसदी नीचे आया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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