नेपाल में रूसी केंद्र ने समलैंगिक फिल्म का प्रदर्शन रोका
काठमांडू, 16 फरवरी (आईएएनएस)। रूसी सांस्कृतिक केंद्र द्वारा अपने सभागार में समलैंगिकों के अधिकारों पर केंद्रित एक वृत्तचित्र को दिखाने से इंकार के बाद नेपाल के समलैंगिकों में गुस्सा है।
नेपाल में समलैंगिकों के अधिकारों के लिए गठित एक संगठन 'ब्लू डायमंड सोसायटी' (बीडीएस) ने फिल्म देखने के लिए केंद्र का एक सभागार आरक्षित कर लिया था।
बीडीएस की सोमवार को रूसी सांस्कृतिक केंद्र में 'द स्ट्रगल विदइन' वृत्तचित्र के प्रदर्शन की योजना थी। यह वृत्तचित्र पांच लोगों की कहानी है। इन पांच लोगों के यौन व्यवहार के चलते शासन और जनता उनके प्रति भेदभाव रखती है।
मजदूर नेता मनोज पांडे ने यह वृत्तचित्र बनाया है। इसमें 2007 में नेपाली सेना से निष्कासित समलैंगिक जोड़े, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से 2005 में निकाले गए एक दूसरे समलैंगिक जोड़े और पोखरा शहर के एक रेस्तरां में काम करने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्ति की कहानी है।
नेपाल में समलैंगिकों के अधिकारों को समर्थन देने वाले यूरोपीय संघ और समलैंगिकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए चल रही योजनाओं की मदद से इस वृत्तचित्र का निर्माण हुआ है।
रूसी सांस्कृतिक केंद्र के अधिकारियों ने बीडीएस से कहा कि यौन और लिंग अल्पसंख्यकों के मुद्दे रूसी कानून और धर्म के खिलाफ हैं इसलिए यह शो रोका गया है।
बीडीएस के संस्थापक और नेपाली संसद के अकेले समलैंगिक सांसद सुनील पंत ने घटना की निंदा करते हुए कहा, "यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि रूसी सांस्कृतिक केंद्र रूसी कानून और धर्म को नेपाल में लागू करने की कोशिश कर रहा है।" उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले और नेपाली सरकार की नीतियों के खिलाफ रूसी सांस्कृतिक केंद्र के इस दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय की निंदा करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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