बांग्लादेश में जिया के सम्मान से जुड़े प्रतिष्ठानों के बदले जाएंगे नाम
प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव अबुल कलाम आजाद ने मीडिया से कहा, "मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक किसी भी इमारत या संस्थान का नाम अवैध निरंकुश शासक जियाउर रहमान के नाम पर नहीं होगा।"
समाचार पत्र 'द डेली स्टार' के मुताबिक अधिकारी ने कहा, "15 अगस्त 1975 से नौ अप्रैल 1979 बीच सरकारों और जियाउर रहमान को जो सत्ता मिली थी वह अवैध थी।"
सरकार ने सभी संरचनाओं के मूल नाम बहाल करने का भी निर्णय लिया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी-जमात गठबंधन सरकार ने 2001 और 2006 के बीच ये नाम बदल दिए थे।
बांग्लादेश के जिया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेडआईए) का नाम बदलकर इसका नया नाम 13वीं सदी के सूफी संत हजरत शाहजलाल के नाम पर रखने की घोषणा के एक दिन बाद यह फैसला सामने आया है।
रहमान की विधवा और विपक्ष की नेता बेगम खालिदा जिया पर निशाना साधते हुए यह फैसला लिया गया है। जियाउर रहमान सेना प्रमुख थे जो बाद में राष्ट्रपति (1976-81) बने।
मंत्रिमंडल ने शहीद जियाउर रहमान विश्वविद्यालय, बारिसाल का नाम बदलकर बारिसाल विश्वविद्यालय करने का भी निर्णय लिया है।
हवाईअड्डे का नाम बदलने संबंधी निर्णय पर मंत्रिमंडल ने कहा कि यहां के लोग सूफियों और धार्मिक नेताओं का सम्मान करते हैं और उनकी यादें ताजा रखना चाहते हैं इसलिए कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के नाम उनके नामों पर रखे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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