बीटी बैंगन को बढ़ावा देने के पीछे हो सकती है साजिश : वैज्ञानिक
पाश्तापुर (आंध्र प्रदेश), 15 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल के नामी कनाडाई सूक्ष्मजीव वैज्ञानिक शिव चोपड़ा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश के बीटी बैंगन पर रोक लगाने के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा है कि आनुवांशिक परिवर्तन के लिए इस सब्जी का चुनाव और इसकी वाणिज्यिक खेती पर जोर देने के पीछे दूसरे फसलों में बीटी जीन को फैलाने की साजिश हो सकती है।
आंध्र प्रदेश के मेडक जिले में एक कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि भारत में आनुवांशिक परिवर्तन वाले फसलों की खेती का प्रयोग सफल हो जाता तो फसल उगाने के लिए पूरी दुनिया में यह सबसे आम तरीका बन जाता।
उन्होंने कहा कि बीटी बैंगन सिर्फ खेती या पर्यावरण से जुड़ा हुआ मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे सेहत से जुड़ा हुआ मुद्दा है।
चोपड़ा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "बहुत से लोग बैंगन नहीं खाते हैं। बच्चे तो इसे बिल्कुल नापसंद करते हैं। इसके बावजूद बीटी फसल के लिए बैंगन को ही क्यों चुना गया?" इसके पीछे जरूर कोई न कोई साजिश है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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