पुणे विस्फोट में हेडली का हाथ होने के संकेत (राउंडअप)
इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 57 घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है। करीब 20 घायलों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है अन्य सात अस्पतालों में भर्ती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि 78 फीसदी जल चुके एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक है। घायल हुए विदेशी नागरिकों में चार ईरानी, दो नेपाली, एक जर्मन, एक सूडानी और एक ताइवानी शामिल है।
महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने नवंबर 2008 के मुबई आतंकी हमले के बाद के इस सबसे जबरदस्त हमले की जांच शुरू कर दी है। पुणे अपराध शाखा जांच में एटीएस का सहयोग करेगी। सेना के विशेषज्ञों ने जांचकर्ताओं की मदद के लिए घटनास्थल का दौरा किया है।
चिदंबरम ने इस विस्फोट के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया लेकिन हेडली की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा कि हेडली ने वर्ष 2007-08 के भारत के दौरे में ओशो आश्रम और यहूदी काबड हाउस की टोह ली थी। हेडली पाकिस्तान से आतंकवादी गतिविधियां चलाने वाले लश्कर-ए-तैयबा की ओर से यहां आतंकवादी हमलों के लिए निशाना बनाए जाने वाले इलाकों की टोह लेने आया था।
हेडली को पिछले साल अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। वह इस समय शिकागो की जेल में कैद है। चिदंबरम ने कहा, "यह इलाका कुछ अर्से से आतंकवादियों के निशाने पर है। काबड हाउस की हेडली ने टोह ली थी। पुलिस को जानकारी थी कि काबड हाउस और ओशो आश्रम निशाने पर हैं।"
उन्होंने कहा, 'हेडली ने ओशो आश्रम की टोह ली थी। उसने काबड हाउस की भी टोह ली थी। इसकी जानकारी दी गई थी और इसे सभी जानते थे। काबड हाउस निशाने पर था और ओशो आश्रम भी।"
उन्होंने कहा, "हमारे पास उपलब्ध सूचना इसी ओर संकेत करती है कि विस्फोटक ऐसी जगह लगाया गया जहां विदेशियों और भारतीयों का अक्सर आना-जाना था। हम किसी भी संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं।"
यह विस्फोट उस समय हुआ जब बेकरी के एक वेटर ने वहां रखे एक बैग को खोलने की कोशिश की।
इस शक्तिशाली बम विस्फोट में मारे गए नौ व्यक्तियों में सात भारतीय और दो विदेशी नागरिक हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) रश्मि शुक्ला ने मीडिया से पुणे के बम विस्फोट के मकसद और उसके तरीकों पर अटकलें नहीं लगाने का आग्रह किया।
जांच पर एक प्रश्न के जवाब में रविवार को उन्होंने कहा, "शनिवार रात जर्मन बेकरी में हुए बम विस्फोट के बारे में आरंभिक आकलन की सरकार साझेदारी नहीं करेगी।" उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं को जांच पूरी करने दें।
इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मरने वालों के करीबी संबंधियों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने की घोषणा की है। चव्हाण ने रविवार को कहा, "मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।"
मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। चव्हाण ने कहा, "हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और मुंबई के अन्य स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।"
पूरे महाराष्ट्र में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। मुंबई और पुणे के आतंकवाद निरोधक दस्तों की मदद के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के दल मौके पर पहुंच चुके हैं।
मुंबई में छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, मुंबई बंदरगाह, बार्क, बीएसई, महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों, महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों, दक्षिणी मुंबई के अति विशिष्ट लोगों के आवासीय इलाकों और समुद्र तटों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
शिरडी में साई बाबा मंदिर, पंढरपुर मंदिर और ऐतिहासिक, धार्मिक तथा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
गोवा में यहूदियों के पूजा स्थल काबड हाउस और कार्निवाल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
जांच तेजी से हो :
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र की सरकार को पुणे में शनिवार को हुए आतंकवादी हमले की जांच में तेजी लाने और समन्वित व प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस मामले की जांच में तेजी लाने और समन्वित व प्रभावी कार्रवाई करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को निर्देश देने के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से कहा कि वह जल्द से जल्द इस हमले के दोषियों को सलाखों के पीछे लाना और पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करें।
चिदंबरम ने इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें पुणे विस्फोट से उपजे हालात की जानकारी दी। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वहां की स्थिति की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा सभी मृतकों के करीबी संबंधियों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये तथा घायलों को एक लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विस्फोट में हताहत होने वालों के परिजनों को सरकार हर तरह की सहायता उपलब्ध कराएगी।
भाजपा ने दी पाक से वार्ता न करने की सलाह:-
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ संभव नहीं हो सकती इसलिए केंद्र सरकार को पाकिस्तान के साथ 25 फरवरी की प्रस्तावित वार्ता के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए।
इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने रविवार को पुणे विस्फोट स्थल का दौरा कर घायलों और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की।
पुणे हमले की निंदा करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकता है। जब आतंकवाद भारत के लिए खतरा बन चुका हो, ऐसे में वार्ता न करना भी एक कूटनीतिक विकल्प है।"
कृष्णा ने कहा, रिपोर्ट का इंतजार करेंगे :
विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने चेन्नई में कहा कि पाकिस्तान के साथ प्रस्तावित वार्ता के संबंध में उठाए जाने वाले कदमों पर कोई निर्णय लेने से पहले वह पुणे में हुए विस्फोट मामले की रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।
चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत में कृष्णा ने कहा, "पहले मुझे रिपोर्ट मिलने दीजिए, इसके बाद हम रिपोर्ट का मूल्यांकन करेंगे।" मुंबई में 2008 में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ समग्र वार्ता रोक दी थी।
दिल्ली, इंदौर और कानपुर में सतर्कता बढ़ाई गई:
पुणे में शनिवार के शक्तिशाली विस्फोट के बाद दिल्ली, इंदौर और कानपुर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने राजधानी में एक उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा हालात की समीक्षा की और उसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इसके बाद अलर्ट का आदेश जारी कर दिया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि इस बात की पुख्ता जानकारी है कि दिल्ली, इंदौर या कानपुर आतंकवादियों के निशाने पर हैं।
गोवा में रेड अलर्ट, महाराष्ट्र से लगी सीमा सील:
पुणे की घटना के बाद गोवा में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया और महाराष्ट्र से लगी सीमा को रविवार सुबह तक सील कर दिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुणे में हुए विस्फोट के बाद ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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