पुणे विस्फोट को लेकर युवाओं ने फेसबुक पर जाहिर किया गुस्सा
विस्फोट से दुखी और गुस्साए एक छात्र स्वरूप सनाप ने एक पोस्ट में लिखा है, "उन्हें पुणे को छुने की हिम्मत कैसे हुई?" इस घटना में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
इस घटना से व्यथित सैकड़ों आक्रोशित युवाओं ने वेबसाइट पर अपनी भावनाएं व्यक्त की है।
विस्फोट के तुरंत बाद 'इन मेमोरी ऑफ दोज हू डायड इन द पुणे कोरेगांव पार्क बम ब्लास्ट' नाम से फेसबुक पर एक समुदाय बनाया गया। इसके कुछ ही समय बाद 1,339 लोग इसके सदस्य बन गए।
इस समुदाय से जुड़े शिवदीप देवकर ने लिखा है कि उन्होंने कैसे विस्फोट में घायल लोगों की मदद की।
देवकर लिखते हैं, "मैं जर्मन बेकरी में विस्फोट होने के पांच मिनट बाद पहुंचा। वहां बहुत से लोग मदद करने में जुटे हुए थे। मेरा घर पांचवें लेन में स्थित है लेकिन मैंने अपने घर में भी उस झटके को महसूस किया। मैं तुरन्त देखने दौड़ा किया क्या हुआ? वहां देखा कि करीब 10 से 15 लोग सड़क पर पड़े हुए हैं।"
वह लिखते हैं, "मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं? वहां केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद थे और घटनास्थल पर कम से कम 20-25 लोग पड़े हुए थे।"
कोरेगांव जहां जर्मन बेकरी स्थित है वह जगह युवाओं का लोकप्रिय अड्डा है क्योंकि वहां बहुत से पब, कैफेटेरिया और लॉन्ज मौजूद हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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