भारत-पाक वार्ता नई दिल्ली में 25 फरवरी को

मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने विदेश सचिव निरूपमा राव को शुक्रवार को फोन किया और भारत के निमंत्रण को स्वीकारे जाने की जानकारी दी। जानकारी यह कि दोनों देशों के विदेश सचिव 25 फरवरी को नई दिल्ली में बातचीत करेंगे।"
इसके पहले (दिन में) ठीक इसी तरह की घोषणा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के कार्यालय की ओर से इस्लामाबाद में की गई थी। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी ने खबर दी कि इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के कार्यालय में हुई बैठक में बातचीत की तारीख पर अंतिम निर्णय लिया गया।
दिल्ली में होगी बातचीत
एपीपी ने पीएमओ से जारी एक बयान के हवाले से कहा है, "यह तय किया गया है कि दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत 25 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होगी।"
प्रधानमंत्री गिलानी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कश्मीर सहित कई सारे मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, कश्मीर समिति के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और विदेश सचिव सलमान बशीर ने हिस्सा लिया। बशीर नई दिल्ली में भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव से मुलाकात करेंगे।
भारत की ओर से हालांकि अभी तारीख के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई औपचारिक सूचना नहीं प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया रोक दी थी।
सभी मुद्दे रखने के मूड में पाक
पाकिस्तान कश्मीर और जल सहित सभी मुद्दों के लिए एक समग्र बातचीत पर जोर दे रहा है। बयान में कहा गया है, "पाकिस्तान को सभी प्रमुख मुद्दों को उठाना चाहिए और समग्र वार्ता की बहाली के जरिए शीघ्र समाधान हेतु भारत पर दबाव बनाना चाहिए।"
बयान में आगे कहा गया है, "प्रधानमंत्री ने विदेश सचिव सलमान बशीर को निर्देश दिया है कि भारतीय विदेश सचिव के साथ उनकी बातचीत फलदायी और अर्थपूर्ण होनी चाहिए।"
भारत की ओर से बार-बार कहा गया है कि फिलहाल बातचीत बहाली की बात करना अपरिपक्व होगा। भारत ने पाकिस्तान से स्पष्ट कहा है कि प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की बातचीत कदम दर कदम प्रगतिशील दृष्टिकोण का एक हिस्सा है और इस्लामाबाद को सीमापार आतंक को लेकर नई दिल्ली की चिंताओं को दूर करना चाहिए। भारत ने कहा है कि बातचीत आतंकवाद से मुकाबले पर केंद्रित होगा, लेकिन आपसी चिंता के अन्य मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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