विदेशी कैदी भारतीयों को पढ़ा रहे हैं अंग्रेजी का पाठ
जेल प्रशासन के मुताबिक जेल में कैदियों को अंग्रेजी सिखाने के लिए शुरू किए गए अपने तरह के इस अनोखे कार्यक्रम में कैदियों की उत्सुकता काफी बढ़ रही है। कैदियों की उत्सुकता का आलम यह है कि जेल नं 3 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम में 200 से अधिक कैदी रोज हिस्सा ले रहे हैं। जेल प्रशासन की इस पहल में विदेशी कैदियों के साथ ही दक्षिण भारत के कैदी भी अंग्रेजी सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।
जेल प्रवक्ता सुनील गुप्ता कैदियों की अंग्रेजी सीखने की उत्सुकता के बारे में कहते हैं, "इस कार्यक्रम को शुरू करने से पहले हमें यह उम्मीद नहीं थी कि कैदी इसमें इस कदर दिलचस्पी दिखाएंगे। परन्तु आए दिन इस कार्यक्रम में कैदियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।"
जेल सूत्रों के मुताबिक जेल के अंदर कैदियों को अंग्रेजी भाषा सिखाने का कार्यक्रम फरवरी के पहले सप्ताह में किया गया था लेकिन शुरुआत में इसमें कैदियों की संख्या 50 के आस-पास थी, लेकिन एक सप्ताह के भीतर ही कैदियों की संख्या 200 को पार कर गई है। वहीं इस कार्यक्रम में कैदियों को अंग्रेजी भाषा सिखाने की जिम्मेदारी विदेशी और दक्षिण भारतीय कैदियों को सौंपी गई है।
इस कार्यक्रम के बारे में और जानकारी देते हुए गुप्ता ने बताया कि विदेशी कैदियों ने ही सबसे पहले भारतीय कैदियों को अंग्रेजी भाषा सिखाने की इच्छा जाहिर की। उनकी इस उत्सुकता को देखते हुए हमने इस कार्यक्रम की शुरुआत की।
गौरतलब है कि तिहाड़ जेल में इस समय 11 हजार से अधिक कैदी बंद हैं जिसमें 400 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। यहां करीब 450 विदेशी कैदी हैं जिसमें 40 महिलाएं शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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