महिलाओं ने किया अंतिम संस्कार!
भुवनेश्वर, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उड़ीसा के एक गांव में पुरुषों द्वारा एक गरीब बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में मदद से इंकार करने के बाद सदियों से चली आ रही परंपरा तोड़ते हुए बहुत सी महिलाओं ने उसका अंतिम संस्कार किया।
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि यहां से 600 किलोमीटर दूर नौपाड़ा के खादिआला गांव की इन महिलाओं ने हिंदू रीति के मुताबिक शव के अंतिम संस्कार से लेकर श्राद्ध तक के सभी काम किए।
महिलाओं ने उस बुजुर्ग महिला की मृत्यु के 12वें दिन गुरुवार को ग्रामीणों के लिए भोज का भी आयोजन किया था।
अधिकारी ने बताया कि जब गांव के पुरुषों ने 80 वर्षीय सबिता बेग का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तब महिलाओं का एक समूह आगे आया और उन्होंने यह काम किया। मृतक महिला की केवल एक बेटी है।
महिलाओं के समूह की नेतृत्वकर्ता तृप्तिरानी सिंह ने बताया, "गांव के पुरुषों द्वारा मदद से इंकार कर देने के बाद हम लोगों ने बिना उनकी मदद के अंतिम संस्कार की रस्म पूरी करने का निर्णय लिया।"
उन्होंने बताया कि मृतका एक गरीब और असहाय महिला थी। उसकी केवल एक विधवा बेटी संगीता बेग है। संगीता ने ही अपनी मां का दाह संस्कार किया।
स्थानीय महिलाओं के स्व-सहायता समूह ने संगीता की मदद की थी।
सिंह ने बताया कि समूह के सभी सदस्यों ने इस जिम्मेदारी को पूरा करने का निर्णय लिया था और पुरुषों की मदद के बिना ये कार्य सम्पन्न हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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