चीन-अमरीका फिर आमने-सामने

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वो चीन के साथ कड़ाई से पेश आएँगे ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि वो अमरीका के साथ व्यापार के लिए अपने बाज़ार खोले. डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेटरों के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि वे चीन और अन्य देशों पर दबाव बनाए रखेंगे ताकि ये देश व्यापार समझौते पर क़ायम रहें.
राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि विदेशी मुद्रा विनिमय पर भी नज़र रखी जाएगी ताकि ये तय हो सके कि देश डॉलर की तुलना में अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करके अपन को अनावश्यक फ़ायदा न पहुँचा पाएँ. हाल के दिनों में अमरीका और चीन के बीच तनाव बढ़ा है. ताइवान को हथियार बेचने की अमरीका की योजना और तिब्बतियों के धर्म गुरू दलाई लामा की अमरीका यात्रा को लेकर दोनों देशों में तनातनी बढ़ी है.
चेतावनी
चीन ने अमरीका के इस क़दम के ख़िलाफ़ अमरीकी कंपनियों पर पाबंदी की चेतावनी दी थी. बराक ओबामा ने चेतावनी दी कि अमरीका को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से किनारे करना एक 'भूल' साबित होगी. हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारिक समझौते को लागू करने के लिए वे चीन पर दबाव ज़रूर बनाएँगे लेकिन वे चीन के साथ संबंध ख़त्म करने के पक्ष में नहीं हैं.
डॉलर की तुलना में अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करने से बचने की सलाह देते हुए ओबामा ने चीन की मुद्रा का ज़िक्र तो नहीं किया, लेकिन अमरीका लंबे समय से चीन पर इसके लिए दबाव डालता रहा है. दूसरी ओर चीन का तर्क ये है कि ये उसका आंतरिक मामला है.












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