उलेमा काउंसिल की धमकी के मद्देनजर आजमगढ़ में सुरक्षा कड़ी
आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रमित शर्मा ने बुधवार को वहां संवाददाताओं को बताया कि उलेमा काउंसिल के घोषित विरोध से कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका के मद्देनजर पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिन स्थानों पर कांग्रेस नेताओं को जाना है, वहां पुलिस के साथ-साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के मुताबिक दिग्विजय सिंह तीन फरवरी को दोपहर बाद आजमगढ़ पहुंचेंगे। वह संजरपुर गांव जाकर बटला हाउस में मारे गए युवकों के परिवारों से मिलने के बाद शहर के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह चार फरवरी को भी जिले में ही रहेंगे।
आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने के आरोप में आजमगढ़ के युवकों के खिलाफ कथित तौर पर की जा रही पुलिस कार्रवाई से नाराज उलेमा काउंसिल ने कांग्रेस नेताओं को जिले में दाखिल न होने देने का ऐलान किया है।
उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव ताहिर मदनी ने मंगलवार को वहां संवाददाताओं से कहा कि काउंसिल कांग्रेस नेताओं के दौरे का कड़ा विरोध करेगी और उनको जिले में घुसने नहीं देगी। काउंसिल के कार्यकर्ता जगह-जगह काले झंडे दिखाकर उन्हें वापस जाने और बटला हाउस कांड की न्यायिक जांच कराए जाने का नारा देंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों की समर्थन प्राप्त होने का दावा किया।
मदनी के मुताबिक दिग्विजय और रीता बहुगुणा का आजमगढ़ के संजरपुर आकर बटला हाउस मुठभेड़ के आरोपियों के माता-पिता से मिलना कांग्रेस की एक छद्म राजनीति का हिस्सा है। दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेताओं ने बटला हाउस मुठभेड़ की न्यायिक जांच का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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